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यहां दर्शन मात्र से होती है मनोकामना पूरी । स्वपन देकर प्रकट हुए थे खजराना गणेश ।

आदित्य सिंह सोलंकी

इंदौर। देश में भगवान गणेश का एक ऐसा प्राचीन मंदिर है। जिसके दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है । जहां स्वपन देकर बावड़ी से प्रकट हुए थे खजराना गणेश। जिनकी मुर्ती भक्तों को आकर्षित करती है  तथा यहां देश दुनिया से भक्तगण आते है ओर भगवान गणेश के दर्शन कर अपनी मनचाही मुरादे पाते है। दरअसल इंदौर के खजराना गणेश के एक प्राचीन इतिहास है। जो इंदौर के खजराना में रिद्धि ओर सिद्धि के साथ मंदिर में विद्यमान है।
यह है खजराना गणेश मंदिर की विशेषता 

यहां भगवान मां दुर्गा और शिव मंदिर सहित कुल 33 छोटे-बड़े मंदिर हैं, जो अनेक देवी-देवताओ को समर्पित है। मंदिर कैंपस में एक पीपल का पेड़ है । जिसके बारे में ये कहा जाता है कि यह भी मनोकामना पूर्ण करने वाला है। इंदौर में स्थित प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर से जुड़ी यह मान्यता है कि यहां श्रद्धालु जो भी कामना लेकर आते हैं, वह जरूर पूरी होती है। मन्नत पूरी होने पर भक्त भगवान गणेश की प्रतिमा की पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। और भगवान गणेश को लड्डुओं का भोग लगाते हैं। 

यह है खजराना गणेश मंदिर का इतिहास  यह बात है 1735 कि जब इंदौर के खजराना में रहने वाले मंगल भट्ट को एक स्वप्न आया । बताया जाता है कि मंगल भट्ट को भगवान गणेश ने स्वप्न में बताया कि वह एक बावड़ी में विद्यमान है। उसी रात देवी अहिल्या बाई होल्कर जो कि इंदौर की रानी मानी जाती है, उन्हें भी वही स्वपन रात में दिखाई दिया। इस पर अगले दिन सुबह मंदिर की बावड़ी को खोदा गया तो उसमे से भगवान श्री गणेश की मूर्ति प्रकट हुई। ऐसी मान्यता है कि सदियों पहले इस मूर्ति को मुगलों के आतंक के चलते बावड़ी में छुपाया गया था। परंपरा के अनुसार, विवाह, जन्मदिन जैसा कोई भी शुभ कार्य हो तो भक्त सबसे पहले इस मंदिर में आकर सिंदूर का तिलक लगाते हैं। स्थानीय लोग ऐसा मानते हैं कि इंदौर शहर और आस-पड़ोस के क्षेत्रों में होने वाले सभी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का पहला निमंत्रण खजराना गणेश को भेजा जाना चाहिए।अन्यथाकार्यक्रम को अधूरा माना जाता है।  नई गाड़ी, मकान, दुकान, जमीन-जायदाद की खरीदी-बिक्री हने के बाद भी श्रद्धालु दूर-दूर से आते मत्था टेकने आते हैं।

देश के एक मात्र मंदिर जहां रिद्धि ओर सिद्धि के साथ  विद्यमान खजराना गणेश ।


इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में भगवान श्री गणेश रिद्धि ओर सिद्धि के साथ  विद्यमान है। इंदौर का खजराना पहला ऐसा मंदिर है रिद्धि ओर सिद्धि श्री गणेश के साथ स्थापित है। रिद्धि ओर सिद्धि को भगवान की प्रमुख आराध्य बताया गया है। मान्यता है कि रिद्धि ओर सिद्धि से धन, वैभव और यश का प्रतीक होती है। इसलिए खजराना के दर्शन मात्र से ही सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इंदौर के खजराना गणेश के रक्षा सूत्र की महिला भी बड़ी निराली है। मान्यता है कि किसी भी विपत्ति के समय हाथों में बंधा यह रक्षा सूत्र इसे धारण करने वाले की रक्षा करता है। साथ ही उसके हाथों से किए कार्य मंगल होते है।


रक्षा सूत्र पर मिलता है भक्तों को श्री गणेश कवच ।


इंदौर के खजराना गणेश में रक्षा सूत्र का विशेष महत्व दर्शाया गया है। मान्यता है कि रक्षा सूत्र शुभ का प्रतिक होता है। जिसे ना सिर्फ कार्य शुभ होते है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में यह मानव मात्र की रक्षा भी करता है। यहीं नही खजराना में मुराद मांगे जाने पर इसे रक्षा रूप में मंदिर के अलग अलग हिस्सों में भी बांधा जाता है। खजराना गणेश में देश का पहला ऐसा  मंदिर है, जहां खाली हाथ जाने वालों को भी प्रसाद में लड्डू नारियल ओर फूल उपहार स्वरूप दिए जाते है। वही देश अत्याधुनिक मंदिरों की सूची में भी खजराना मंदिर ऊपरी पायदानों पर है। यहां की साज सज्जा ओर आधुनिक व्यवस्था श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही है।  यही नही इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में रोजाना सैकड़ों किलो हार फुल चढ़ते है, लेकिन इन्हें फेंकने की बजाए इनसे खाद बनाई जाती है। जिसका खेतों व उद्यान में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए मंदिर परिसर में एक खाद्यय़ निर्माण गृह भी बनाया गया है। 

 देश विदेश से आते है भक्तगण, दान राशी से होती है मजबूरों की मदद ।


 इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में देश ओर विदेशों से भक्तगण दर्शन करने आते है । उनकी आस्था है है जिसके चलते यहां मिलने वाली दान का इस्तेमाल पुनीत कार्यों में किया जाता है। जहां रोजाना मुफ्त भोजनालय चलाए जाते है। जिसमे रोजाना हजारों लोग भोजन करते है। यही नहीं मंदिर द्वारा एक अस्पताल का भी निर्माण किया गया है। जहां नाम मात्र के शुल्क पर डायलिसिस किया जाता है। खजराना गणेश की महिमा ही ऐसी है, यहां जो आया उसने सब कुछ पाया, भगवान गणेश अपने भक्तों को खुद बुलावा भेजते है। फिर उन्हें मेहमान की तरह अपने यहां बुलाते है। मंदिर में उपहार तो बाहर भोजन प्रसादी कराते है। दरअसल इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में रोजाना, खीर, दाल,चावल ,सब्जी रोटी का शुद्ध ओर सात्विक प्रसादी सभी भक्तों को मुफ्त कराई जती है। हजारों की संख्या में भक्त भर पेट भोजन प्रसादी का आनंद लेते है। यह भोजनशाला श्री गणेश का ऐसा अटूट खजाना है। जहां सदैव मा अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है।


गंभीर बीमारी के इलाज की मुफ्त सुविधा । 

 इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में एक अस्पताल का भी निर्माण किया गया है। जहां नाम मात्र के शुल्क पर डायलिसिस ओर अन्य चिकित्सा मुहैया कराई जाती है। नगर निगम आयुक्त द्वारा मंदिर की इन सभी व्यवस्था को संचालित किया जाता है। इसकी निगरानी भी खुद निगम आयुक्त मनीष सिंह द्वारा रखी जाती  है। यही कारण है कि यह मंदिर देश और दुनिया में कुछ अलग सा दिखाई पड़ता है।  तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा। यह वह धाम है, जहां यह कहावत पूरी तर सच होती नजर आती है। क्योंकि भगवान गणेश को बुद्धि का दाता भी कहा जाता है। यही कारण है कि यहां आने वाला धन वैभव ओर यश के साथ ही बुद्धि भी प्रभु कृपा से प्राप्त करता है।

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