राज यादव 9827017454
धार की भोजशाला में हाईकोर्ट के निर्णय और एएसआई गाइडलाइन के बाद महासत्याग्रह हुआ।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हिंदू संगठनों ने मां वाग्देवी की लंदन में स्थित प्रतिमा वापस लाने और सर्वे में मिली 94 मूर्तियों को वापस भोजशाला में स्थापित करने की मांग उठाई।
केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार की भोजशाला में महासत्याग्रह का आयोजन किया गया।
हाईकोर्ट के निर्णय और एएसआई की नई गाइडलाइन के बाद यह पहला मंगलवार था, जिसके चलते बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग भोजशाला पहुंचे।

एक दिन पूर्व ही भोज उत्सव समिति ने शहरवासियों से महासत्याग्रह में शामिल होने का आह्वान किया था।
भोजशाला को मंदिर का दर्जा मिलने के बाद से समाज में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
धार सहित आसपास के अन्य जिलों से भी लोग दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।
भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी अन्य जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजशाला के प्राचीन स्तंभों और शिलालेखों की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं।
इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब पूरे 24 घंटे मां का स्वरूप भोजशाला में विराजमान रहा और अखंड ज्योति प्रज्वलित रही। पिछले तीन दिनों से समाज द्वारा प्रतिदिन मां का पूजन किया जा रहा है।
भोजशाला में सत्याग्रह के बाद हिंदू समाज के लोगों ने अखंड ज्योति मंदिर के सामने जमकर आतिशबाजी कर विजय महोत्सव मनाया।
करीब एक घंटे तक लोगों ने पटाखे फोड़े। इस दौरान युवाओं ने जय श्री राम के नारे लगाए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह देखने को मिला।
काफी लोग अपने घरों से भी पटाखे लेकर पहुंचे थे। करीब एक घंटे तक आतिशबाजी का दौर चलता रहा। लोगों ने सरकार से मांग की कि मां वाग्देवी की लंदन में रखी प्रतिमा को वापस लाकर भोजशाला में स्थापित किया जाए।
भोजशाला में ASI के सर्वेक्षण के दौरान मिली देवी-देवताओं की मूर्तियों को भी ससम्मान स्थापित करने की मांग की गई है।
ताकि श्रद्धालु वहां आकर दर्शन, पूजन और वंदन कर सकें।
इनमें ब्रह्मा जी, विष्णु जी, शिव जी, भैरवनाथ जी, महिषासुर मर्दिनी, मां वाग्देवी सहित कुल 94 मूर्तियां शामिल हैं।
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