Raj Yadav 9827017454
नौतपा 2026 की शुरुवात होने वाली हे भीषण गर्मी से बचने के आसान और सुरक्षित उपाय अपनाएं और स्वस्थ रहे ।
नौतपा’अर्थात नौ दिनों की तपिश.
हर साल यह मई के अंत में शुरू होता है. वहीं, इस साल नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी और 2 जून को खत्म हो जाएगा.
ऐसे में इन 9 दिनों में खुद को भीषण गर्मी और लू से बचाने क्या करना चाहिए,
आइए जानते हैं नौतपा के समय अपने आप को भीषण गर्मी और लू से बचाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए.
अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो सेहत पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.
भीषण गर्मी से बचने के आसान और सुरक्षित उपाय
बाहर न निकलें घर से, अगर जरूरत ना हो तो
हीटवेव या लू के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को घर में ही रखें. इन दोनों के लिए ही ज्यादा तापमान में बाहर निकलना ठीक नहीं. इन लोगों को धूप में निकलने से पहले उचित सावधानी बरतनी चाहिए.
हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है.
इसलिए खूब पानी पिएं, बहुत सारे तरल पदार्थों जैसे नींबू पानी, आम पन्ना और नारियल पानी को अपने आहार में शामिल करें.

कोई चीज पीने के लिए प्यास लगने का इंतजार न करें. अपने लिए हर 30 मिनट में एक अलार्म सेट करें और हर 30 मिनट में कुछ न कुछ पिएं
नौतपा क्या होता है और इसे क्यों खतरनाक माना जाता है?
दरअसल नौतपा साल का वह समय माना जाता है जब सूरज की गर्मी बेहद तीव्र हो जाती है.
इस दौरान दिन में तापमान सामान्य से कहीं ज्यादा महसूस होता है और हवा में नमी भी कम हो सकती है.
इसी वजह से नौतपा को खतरनाक माना जाता है, क्योंकि शरीर पर गर्मी का असर तेजी से पड़ सकता है.
लू लगने का खतरा बढ़ जाता है.
नौतपा के दौरान भी गर्मी सामान्य से ज्यादा महसूस होने की आशंका मानी जा रही है. कई इलाकों में दोपहर के समय तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस लोगों को असहज कर सकती हैं.
हालांकि हर क्षेत्र में असर अलग‑अलग हो सकता है, इसलिए मौसम की स्थिति पर नजर रखना और जरूरी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.
नौतपा के दौरान शरीर से पसीने के जरिए पानी और जरूरी मिनरल्स तेजी से निकलते हैं.
अगर समय पर पानी और सही पोषण न मिले, तो शरीर का तापमान संतुलित रखना मुश्किल हो जाता है. इससे थकान, चक्कर, डिहाइड्रेशन और लू लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
खासतौर पर तेज धूप में लंबे समय तक रहने से खतरा बढ़ जाता है.
मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा शामिल करें
बहुत ज्यादा तली‑भुनी और मसालेदार चीजों से बचें
बाहर की खुली और बासी चीजें खाने से परहेज करें
छाछ, दही या नींबू पानी जैसे पेय मददगार हो सकते हैं
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