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सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले क्यों बढ़ जाते हैं, इस मौसम में दिल की बीमारियों का खतरा किनमें सबसे ज्यादा रहता है और इसे कैसे कंट्रोल करें, जानिए इन सवालों के जवाब…

सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले क्‍यों बढ़ जाते हैं, इस मौसम में दिल की बीमारियों का खतरा किनमें सबसे ज्‍यादा रहता है और इसे कैसे कंट्रोल करें, जानिए इन सवालों के जवाब…

सर्दी में सबसे ज्‍यादा अटैक आते क्‍यों हैं, पहले इसे समझें

सर्दियों में तापमान गिरना शुरू हो जाता है. शरीर ठिठुरने लगता है. दिल तक ब्‍लड लाने और ले जाने वाली रक्‍त वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं. इन सिकुड़ी हुई रक्‍तवाहिकाओं से ब्‍लड को निकलने के लिए अधिक दबाव डालना पड़ता है. इस तरह मरीजे का ब्‍लड प्रेशर बढ़ता है. ब्‍लड प्रेशर अधिक बढ़ने पर हार्ट अटैक के मामले सामने आते हैं.

एक्‍सपर्ट कहते हैं, सर्दी के मौसम में ब्‍लड गाढ़ा होने लगता है. नतीजा आसानी से थक्‍के जमने लगते हैं. यह थक्‍के ब्‍लड के सर्कुलेशन को बाधित करते हैं. नतीजा, मरीज स्‍ट्रोक से जूझते हैं.

सबसे ज्‍यादा हार्ट अटैक सर्दियों में सोमवार को आते हैं

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिसर्च कहती है, सबसे ज्‍यादा हार्ट अटैक के मामले सर्दी के मौसम में सोमवार को सामने आते हैं. इसकी सटीक वजह क्‍या है, वैज्ञानिक इसका पता फिलहाल नहीं लगा पाए हैं. रिसर्च कहती है हार्ट अटैक के मामलों की शुरुआत क्रिसमस से होती है. इसलिए सर्दियों में दिल का खास ख्‍याल रखने की जरूरत है.

कौन से लक्षण दिखने पर अलर्ट हो जाएं, इसे भी समझें

अगर आपको सीने में जलन, खास तरह का दबाव और दर्द महसूस हो रहा है तो अलर्ट होने की जरूरत है. इसके अलावा पैरों में सूजन, जबड़े में दर्द या सांस लेने में परेशानी हो रही है तो जल्‍द से जल्‍द डॉक्‍टर की सलाह लें. ऐसे समय में बहुत ज्‍यादा पानी पीने से बचें. अगर आप पहले से ही हार्ट के मरीज तो डॉक्‍टर्स द्वारा बताई गई साव‍धानियों का पूरी तरह पालन करें.

दिल को दुरुस्‍त रखना है तो 3 बातें ध्‍यान रखें

1-सुबह-सुबह की वॉक करने से बचें

सर्दियों में सुबह जल्‍दी वॉक पर जाने से बचें. खासतौर पर जो लोग पहले ही दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं. विशेषज्ञ कहते हैं, सर्दियों में नसें पहले से ही सिकुड़ी हुई रहती हैं. ऐसी स्‍थ‍ित‍ि में सुबह 6 या 7 बजे की वॉक करने पर इन पर और भी बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए बेहतर होगा कि धूप निकलने पर ही वॉक करें या 9 बजे के बाद ही निकलें.

2-खानपान से नमक की मात्रा को कम करना ही बेहतर

खाने में नमक की मात्रा को घटाएं.  इस तरह ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने के साथ शरीर में जरूरत से  ज्‍यादा पानी नहीं स्‍टोर होगा. आसान भाषा में समझें तो इससे दिल को अपना काम करने में कम मेहनत करनी पड़ेगी. यही वजह है क‍ि कहते हैं क‍ि दिल के मरीजों को सुबह-सुबह बहुत अधिक पानी नहीं पीना चाहिए. ठंड के मौसम में तो कतई नहीं.

3-धूप में समय बिताएं और एक्‍सरसाइज भी करें

सर्दियों की धूप कई लिहाज से बेहतर मानी जाती है. अमेरिकी स्‍वास्‍थ्‍य एजेंसी सीडीसी का कहना है, धूप से विटामिन-डी मिलने के साथ शरीर एंटीबॉडीज भी अधिक मात्रा में बनाता है. इस तरह शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है.

इतना ही नहीं, 40 मिनट की एक्‍सरसाइज करते हैं तो हाई बीपी और स्‍ट्रोक का रिस्‍क 27 फीसदी तक कम हो जाता है.

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