पूरे देश मे भाजपा के राज में सवाल पूछना अपराध है और ये अपराध इंदौर की महिला पत्रकार भी कर बैठी है।
मीडिया को जागरूकता की जरूरत है संगठित होने की जरूरत है अन्यथा ऐसा दुष्हास नही करते।
पत्रकार ऋचा उपाध्याय ने लसूड़िया थाने में दी गई औपचारिक शिकायत में बताया कि 29 जून की दोपहर करीब 4.26 बजे बांबे अस्पताल के पास निगम की टीम भेदभावपूर्ण कार्रवाई कर रही थी। जब उन्होंने निगम की मनमानी और रसूखदारों को अवैध पार्किंग के लिए दिए जा रहे संरक्षण का विरोध किया तो निगमकर्मियों ने धक्का-मुक्की कर उनसे मोबाइल छीनने का प्रयास किया।
पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर निगमकर्मियों ने जिला प्रशासन का हवाला देते हुए कहा कि यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की जा रही है। पीड़िता ने निगम की उस गाड़ी का भी नंबर (एमपी 09 सीएस 8966) सहित शिकायत में उल्लेख किया है, जिसमें टीम मौके पर पहुंची थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लसूड़िया थाना प्रभारी राजकुमार यादव ने संज्ञान लिया है।
फिलहाल पत्रकार ऋचा उपाध्याय से आवेदन लेकर मामले की जांच की जा रही है। घटना के तथ्यों की पड़ताल के लिए नगर निगम के संबंधित कर्मियों को थाने बुलाया है। पीड़िता ने घटना के वीडियो और फोटो साक्ष्य पुलिस को सौंपते हुए दोषी कर्मियों के विरुद्ध शासकीय पद के दुरुपयोग एवं मारपीट की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ePaper मध्य प्रदेश पोर्टल. ePaper मध्य प्रदेश